नेपाल में आई बाढ़, जापान-वेनेजुएला में भूकंप के झटकों से हुई तबाही ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया।
नेपाल में आई बाढ़, जापान-वेनेजुएला में भूकंप के झटकों से हुई तबाही ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। प्रकृति के इस हाहाकार को देखकर लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए टेस्ला और SPACEX के CEO एलन मस्क ने पृथ्वी पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चेतावनी दी है। एलन मस्क का कहना है कि पृथ्वी को लंबे समय के क्लाइमेट खतरों से बचाने के लिए सिर्फ सस्टेनेबल एनर्जी (टिकाऊ ऊर्जा) अपनाना काफी नहीं हो सकता। मस्क का कहना है कि हमारे पास इस पृथ्वी को बचाने के लिए सिर्फ 50 साल हैं, नहीं तो सब कुछ खत्म हो जाएगा। एलन मस्क ने सुझाव दिया कि चंद्रमा पर बने मास ड्राइवर्स का इस्तेमाल करके पृथ्वी-सूर्य लैग्रेंज पॉइंट्स पर भेजे गए समझदार सैटेलाइट (SENTIENT SATELLITES) एक दिन ग्रह के तापमान को नियंत्रित कर सकते हैं। ऐसा सिस्टम ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को 1 अरब साल तक हल कर सकता है। एलन मस्क के इस सुझाव ने एक ऐसे भविष्य की कल्पना की है जहां सोलर-पावर्ड AI सैटेलाइट्स का समूह पृथ्वी तक पहुंचने वाली सौर ऊर्जा की मात्रा में बारीक बदलाव कर सके। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, बहुत ज्यादा गंभीर विलुप्ति की घटनाएं लगभग हर 10 करोड़ सालों में होती हैं और उन्हें रोकने के लिए सिर्फ सस्टेनेबल एनर्जी अपनाना काफी नहीं होगा। मस्क ने दुनिया को भविष्य को लेकर सतर्क करते हुए लिखा, तापमान को कंट्रोल करने के लिए स्पेस सैटेलाइट्स और बड़े पैमाने पर जियो-इंजीनियरिंग की जरूरत होगी, वरना सब खत्म हो जाएगा। मस्क ने ग्लोबल वार्मिंग की समस्या का समाधान बताते हुए लिखा, चांद से मास ड्राइवर्स के जरिए पृथ्वी-सूर्य लैग्रेंज पॉइंट्स में भेजे गए समझदार सैटेलाइट्स, लगभग 1 अरब सालों तक ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को हल कर सकते हैं। मस्क ने आगे लिखा, लेकिन अगर लोग आज जहां समुद्र तट है, वहीं रहना चाहते हैं, तो हमें उससे कहीं ज्यादा तेजी से काम करना होगा। हमारे पास कदम उठाने के लिए लगभग 50 साल हैं, जो स्पेस सैटेलाइट्स के लिए गर्मी से जुड़ी किसी भी समस्या को हल करने के लिए काफी समय होना चाहिए और जाहिर है, ऐसा ही किया जाएगा। मस्क की चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में क्लाइमेट रिसर्च की फंडिंग को लेकर चिंताएं हैं। इस महीने की शुरुआत में, ट्रम्प प्रशासन ने घोषणा की कि वह आर्कटिक रिपोर्ट कार्ड को सपोर्ट करना बंद कर देगा। यह रिपोर्ट कार्ड तेजी से गर्म हो रहे आर्कटिक में बदलावों पर नजर रखने वाला एक सालाना मूल्यांकन है।
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